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वर्ष 2020


      इस  साल  का  ये  मेरा  पहला  ब्लॉग  है,  हालांकि  नया  साल  शुरू  हुए  10  दिन  बीत  चुके  है... पर  ब्लॉगिंग  साइट  में  थोड़ी  दिक्कत  की  वजह  से  मैं  असमर्थ  था।  नए  साल  में  बीते  साल  की  कुछ  बाते  लिख  रहा  हू,  उम्मीद  करता  हू  आपको  पसंद  आएगा


~~~

2020  ने  हमे  कितना  कुछ  है  सिखाया।
Work  From  home  और  lockdown  से  लेकर  "रामायण" तक  ट्रेंड  में  है  आया।
घर  पर  रहने  की  मजबूरी  कहो  या  माँ  के  हाथ  के  खाने  की  खुशी,
ये  पूरा  साल  कई  उतार  चढ़ाव  लेकर  था  आया।

इस  पूरे  साल  हम  एक  अलग  ही  दुनिया  मे  जैसे  जी  रहे  हो,  जैसे  बचपन  मे  हमे  घरों  में  बंद  कर  दिया  जाता  था  और  हम  चिल्ला  चिल्लाकर  पूरी  कॉलोनी  को  हिला  देते  थे,  कुछ  वही  हाल  था  हमारा।  पर  अब  वो  चिल्लाना  नही  था  बस  थी  तो  खामोशी,  बेचैनी  और  चैन  से  सांस  ना  ले  पाने  की  फिक्र...


थाली  पीटने  से  लेकर  मोमबत्ती  जलाना  भी  देखा  है।
चाइना  को  हमने  बॉर्डर  से  पीछे  हटाते  भी  देखा  है।

राम  मंदिर  की  नींव  रख  दीवाली  बिन  दिया  जलाया  है  हमने...
घर  पर  रहकर  पुराने  खेलो  को  भी  खेला  है  हमने...
ना  चाहते  हुए  भी  कितना  ही  कड़वा  काढ़ा  पिया  है  हमने!!

बहुत  सारी  फिक्र  के  बीच  एक  खुशी  ये  थी  कि,  ऐसी  किसी  विपदा  के  समय  हम  सबने  साथ  रहने  और  साथ  लड़ने  की  झांकी  भी  पेश  की  और  साथ  ही  हमारे  सैनिकों  ने  हमेशा  की  तरह  हमारे  झंडे  को  ऊपर  उठाएं  रक्खा।  हमने  पूरे  विश्व  को  एक  बार  फिर  अपनी  एकजुटता  का  लोहा  मनवा  दिया,  क्योंकि  थालियों  की  गूंज  और  उस  मोमबत्ती  की  रौशनी  को  हमने  पूरे  विश्व  मे  फैला  दिया।


इस  कोरोना  ने  काफी  सबक  भी  है  सिखाया।
जिंदगी  हो  या  पैसा  किसी  के  पास  नही  है  टिक  पाया।
जिंदगी  की  भागती  रफ्तार  को  भी  इसने  ब्रेक  है  लगाया।
अब  क्या  कहे  कि  कोरोना  ने  पूरे  साल  कितनो  को  है  रुलाया।

हम  सारी  जिंदगी  भागते  रहते  है,  कोई  मर्ज़ी  से  चलता  है  तो  कोई  मजबूरी  से  चलता  है...  पर  इस  साल  मर्ज़ी  और  मजबूरी  दोनों  एक  ही  पलड़े  में  आ  गिरे।बस  फर्क  इतना  था  कि  किसी  ने  अपनी  बचत  से  आराम  से  साल  काट  लिया,  तो  किसी  ने  सरकार  से  मिल  रही  सेवाओ  से  अपना  जीवन  बचा  लिया,  पर  आंसू  तो  बहे  वो  भी  हर  साल  से  ज्यादा  वो  भी  हर  किसी  की  आंखों  से।


इस  साल  कितनो  ने  ही  अपनी  नौकरी  है  गवाई,
बेरोजगारी  पहले  से  ही  ज्यादा  थी  इस  कोरोना  ने  और  आफत  बढ़ाई।
कितने  मजदूर  भाई  पलायन  को  हो  गए  मजबूर,
पैदल  ही  चल  दिये  शहर  छोड़  अपने  घरों  को  जो  थे  कोषों  दूर।
कोई  बच्चे  को  कंधे  पर  उठाए  चल  रहा  था,  तो  कोई  साईकल  पर  पिता  को  बिठाए  चल  रहा  था।
हर  कोई  हर  तरह  से  एकदूसरे  की  मदद  ही  कर  रहा  था।
बस  ये  था  कि  हर  कोई  अपने  हिस्से  की  मेहनत  कर  रहा  था।


इस  साल  में  कितने  आश्चर्यजनक  काम  हुए,
कही  फ्री  में  राशन  बटा  तो  कही  पब-जी  वाले  बर्बाद  हुए।
टिकटॉक  और  सारे  चाइनीज  एप्प्स  को  हमने  जमीन  पर  है  ला  पटका,
राजनीति  करने  वाले  भी  सबके  बीच  शर्मसार  हुए।

ना  कोई  त्योहार  मनाया  ना  कहि  घूमने  को  मिल  पाया।
इस  साल  कुछ  लोगो  ने  अपने  अच्छे  कामो  से  है  नाम  भी  कमाया।
"सोनू  सूद"  और  "टाटा"  जैसो  ने  अपना  हाथ  बढ़ाया!
इंसानियत  ही  सबसे  बड़ा  कर्म  है  हमे  इसका  पाठ  है  सिखाया।


इस  साल  कई  चहिते  अदाकारो  की  मौत  से  माहौल  खूब  गरमाया।
जिसमे  सबको  चौकाने  वाले  सुशांत  की  मौत  से  चारो  ओर  था  सन्नाटा  छाया।


हो  सकता  है  भूल  जाये  कुर्बानिया  हम  पुलिस  और  डॉक्टरों  की,  पर  इस  साल  इन्होंने  अपनी  जिंदगी  दांव  पर  लगाई  ताकि  हमसब  जीए!  कितने  दिनों  तक  घर  नही  गए  ताकि  हम  अपने  घरों  में  सुरक्षित  रह  सके...  और  कितनो  ने  तो  हमारे  जैसो  को  बचाने  में  अपनी  जान  तक  गवा  दी। 



        भले  ही  बहुत  खराब  दौर  देखा  है  हमने  इस  बार  पर  कितनो  का  भला  भी  हुआ  इस  साल,  राम  मंदिर  की  नींव  रख  सब  मंदिर  बनाने  में  लग  गए, पढ़ने  वाले  बिना  परीक्षा  के  ही  पास  हो  गए  और  कितने  ही  नौकरी  वाले  घर  से  काम  करके  खुशी  से  लाल  हो  गए... कई  माँ-बाप  बच्चो  को  लंबे  समय  तक  पास  देखकर  फिर  से  जवान  हो  गए। भागती  जिंदगी  में  कुछ  पल  आराम  के  भी  मिले। कितने  समय  के  बाद  काफी  दिन  माँ-बाप  के  साथ  गुजरे।


                     बस  शुक्र  इस  बात  का  मनाइए  की  हम  ये  साल  कैसे  भी  करके  पार  कर  गए। और  मेरी  यही  प्रार्थना  रहेगी  कि  सब  सुरक्षित  रहे  और  खुश  रहे...  ये  साल  सभी  को  दोगुनी  उचाइयां  प्रदान  करे।


Comments

  1. Bahut khub bhai pura lock down yad dila diya

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    Replies
    1. Bss bhai likhne ka maqsad yhi tha... Ar agr sch me aisa hi hua to mera mqsad pura ho gya

      Delete
  2. Bahut sandar , Sandeep bhaie.
    You are great.

    ReplyDelete

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