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पिता की जुबानी!

 


तब सोचा था एक सुनहरा कल होगा।
आज भले ही नौकर है कहि पर,
पर कल अपना भी एक बड़ा घर होगा।

आज लिखते हुए देखता हूं, अपने छोटे से बच्चे को तो बहुत गर्व होता है।
खुद तो पढा लिखा नही हूं, पर उसका लिखा पढ़ लेता हूं।
खूब मेहनत कर के उसे अच्छे स्कूल में भेजने की चाहत है।
जो मैं ना पा सका वो सब उसे दिलाने की चाहत है।

अब ड्यूटी डबल करने का समय आ गया है।
मेरा बेटा अब स्कूल जाने के लायक हो गया है।
उसकी फीस उसकी पढ़ाई में रुकावट ना बने,
इसलिए थोड़ी बचत करने का समय आ गया है।

मेरी बीवी की चाहते बिल्कुल खत्म सी हो गयी है।
क्योंकि उसको भी बच्चे को पढाने की, फिक्र सी हो गयी है।
उसे मालूम है पढ़ लिख जाएगा तो बड़ा साहब बनेगा,
तब मेरी सारी इच्छाओं को वो, खुद ही पूरा करेगा।

घर मे 24घण्टे रोशनी की व्यवस्था कर दी है।
हम भले ही 2 रोटी कम खाये पर उसके लिए टिफ़िन की व्यवस्था कर दी है।
अब तो बस फिक्र रहती है, कोई रुकावट न आये पढ़ाई में उसके।
इधर उधर की आदतों को छोड़, उसके ट्यूशन की भी व्यवस्था कर दी है।

छाती गर्व से फूल गयी माँ-बापू की, बेटे ने बोर्ड में टॉप किया।
पर अंदर मन मे ये चिंता है, की अब बेटा स्कूल छोड़ कॉलेज की ओर चला।
कॉलेज दूसरे शहर में है, वहाँ रहने का खर्चा भी डबल में है।
स्कूल की फीस तो दे ली थोड़ी बचतों से भी, पर कॉलेज की फीस कई गुना में है।

बैंक से लोन लेकर खुद को गिरवी रख दिया है।
बस पढ़ाई पूरी हो उसकी इसी चिंता ने घेर लिया है।
जैसे तैसे कर के बित गए ये 5 साल भी,
एक बहुत बड़ी कंपनी ने उसे नौकरी पर रख लिया है।

मैं रिटायर हो गया पर लोन का कर्जा साथ चल रहा है।
पर खुश हूं कि बेटा साहब बन, मेरे लिए हर कर्ज़ को भर रहा है।
उसकी शादी भी कर दी है हमने, अपनी बीवी को लेकर वो दूर शहर में ही रह रहा है।
फोन किया था उसने की लोन का कर्जा पूरा भर दिया।

वो फोन भी महीने में एक दो बार ही करता है, क्या है न हमेसा काम मे ही व्यस्त रहता है।
आया था 6 महीने पहले अपनी बीमार माँ को देखने।
माँ की तबियत उसको देखते ही ठीक हो गयी,
उसको कई महीनों बाद देख मेरे भी कलेजे को ठंडक पड़ गयी।

वो आएगा फिर, ये वादा रख कर गया है।
पर आज पूरे 3साल हो गए, पैसे तो वक़्त पर आ जाते है पर बेटा घर आया नही है।
उसकी माँ हर रोज़ आंखों में इंतज़ार के आंसू लिए, तकती है उसका रस्ता।
मैं कठोर बना खुद में घुटता रहता हूं, भले ही कर्ज़ पूरे भर दिए उसने, पर उसे देखने को अब रहता हूं तरसता।

एक वक्त पर बहुत खुश थे, कि हमारा बेटा कितना लायक हो गया।
और एक आज का वक़्त है जब लगता है, कि क्यों उसे इतना पढा दिया।
मुझे फिक्र अपनी नही है मैं तो जी लूंगा ऐसे भी,
बस डरता हूँ उसकी माँ के लिए, उसकी फिक्र में उसने अपना हाल बिगाड़ लिया।

क्या बाप के पैसों का कर्ज चुका देना ही काफी होता है उस बच्चे के लिए जिसके लिए एक बाप ने ना जाने कितनी दिक्कते सहि अपनी खुशियों अपनी जिंदगी सब गवा दी।
क्या माँ को सिर्फ पैसे भेज, एक दो बार फोन कर खुश रखना काफी है उस बच्चे के लिए जिसके लिए उसने अपना पूरा जीवन सिर्फ माँ का फर्ज निभाने में गुजार दिया, जिसने अपना पूरा जीवन त्यागकर बस बच्चे की खुशी में ही खुद को निढाल कर दिया।


एक बार जरूर सोचना चाहिए उन लोगो को जो अपनी नई जिंदगी शुरू करते ही अपनी पुरानी जिंदगी अपने माँ-बाप और उनके संघर्ष को भूल जाते है या फिर उनके किये त्याग और संघर्ष को उनका कर्म मानकर सिर्फ फ़र्ज़ अदा कर देते है।। कुछ भी हो पर माँ-बाप कभी भी अपने बच्चे को ये सोचकर बड़ा नही करते है कि बुढापे में हमारा सहारा बनेगा बल्कि ये सोचकर बड़ा करते है, पढ़ाते लिखाते है कि, बड़ा होकर हमारा नाम रौशन करेगा, जिन हालातो से हम गुजरे है उनसे वो कभी नही गुजरेगा... और साथ तो हमारे ही रहेगा।
तो यारो बस साथ चाहिए उनको तुम्हारा क्योंकि तुम्हारा साथ रहना ही उनका गुरूर है, क्योंकि कोई फूल सिर्फ तब तक फूल नही रहता जब तक खिला रहता है बल्कि तब तक रहता है जबतक पौधे से लगा रहता है फिर चाहे वो मुरझा क्यों ना जाए। इसलिए जैसे एक फूल का वजूद खत्म हो जाता है पौधे से टूटने के बाद वैसे ही कभी उनको छोड़कर उनके गुरूर को नही तोड़ना चाहिए। 🙏

Comments

  1. Bs kr bhai rona aa jayega 😥😥

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  2. माँ की ममता और पिता की क्षमता का अंदाजा लगाना असंभव है।

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    Replies
    1. हा वो तो असम्भव है पर कभी ये सोचो कि उनके असम्भव के आगे जो तुमसे सम्भव हो सके कम से कम वही कर दो।।। लेकिन नही आजकल तो पढ़ लिख जाने के बाद शादी हो जाने के बाद हमे वही लोग गलत लगने लगते है, जिन्होंने पूरी जिंदगी हमारे लिए सही फैसले लिए होते है।।

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  3. Bhot Accha Likha hai Aapne Bhaiya ...

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  4. People will be compelled to think after reading your every line........

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    Replies
    1. well i also want people to think...Because nowadays everything is being seen as a show.

      Delete
  5. Replies
    1. Hmmm positive... Yaa it's good to be positive...

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  6. Awesome lines ......👍👍👍

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