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Success theme


Aaj khud se khud ki ldaai hai
Naa jaane kaise mod pr ye jindgi mujhe le aayi hai
Hr trf andhera sa psra hai hr trf bss ruswai hai

Raaho pr akela khda hu nhi pta kidhr kuwa kidhr khaai hai
Girna to hai dono hi taraf mujhko fir chaahe kuwa chunu yaa raas aaye mujhe khaai hai

Anjaan  bn bhi jaau to kise  fikr hai
In  raasto pr chal kr hi  mnzil milegi  ye baat mn me ho aayi hai

Hr baar aajtk mn ki baato me uljhkr  maine apni jindgi ko bematlb hi gwaai hai
Ye jaante hue bhi aaj fir mnzil k liye maine mn ki hi baat khud ko mnvaai hai
Chlte hue rokte hai kaate mujhe fir bhi inki chubhn se mujhe na koi sudh aayi hai
In raasto pr chlkr hi mnzil milegi ye baat mn me ho aayi hai

Bhut dur aa gya hu ab bss aage bdhne ki ldaai hai
Piche mud bhi jaau lekin ye jindgi bht aage nikl aayi hai

Mile hai raasto pr kai saathi bhi pr hr kadam k saath chutate gye wo ab saath chlti mn me unki yaado ki prchaai hai
Abhi nahi pta kitni lambi chlni khud se ye ldaai hai

In raasto pr chlkr hi mnzil milegi ye baat mn me ho aayi hai

Bhrosa hai khud pr ar himmat bi khud hi bdhayi hai
Bhale kt rhi ho aaj andhero me jindgi meri pr ek din suraj sa chmkunga ye zid baar baar mn ne dohraai hai
In raasto pr chlkr hi mnzil milegi ye baat mn me ho aayi hai

Bhle hi aajtk khra na utr paaya apne maa baap ki ummido pr
Pr ek din unke naam ko aasman ki bulndiyo pr phuchane ki zid hai ye khud ko kasam dilayi hai
Ek roj mnzil pr phuchne se phle hi tute sapno ko fir se zinda kr jaane ki ummid lgaayi hai

Bhrosa hai mujhe khud pr
In raasto pr chlkr hi mnzil milegi ye baat mn me ho aayi hai

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