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Mai likhta hu

#worldpoetryday

Mai  likhta  hu
jb  mujhe  khud  ko  smetna  hota  hai
Jb  mai  khud  me  hokr  bi  kai  baat  khud  se  dur  rhta  hu
Jb  aati  nhi  hai  neend  raato  ko  to  kalam  utha  taaro  ko  pnno  pr  pirota  hu,  tb  likhta  hu  mai

Mai  likhta  hu  
Jb  khyal  aata  hai  dil  ke  kisi  kone  me  dubki  hue  ek  shaam  ka  jo  dosto  ke  saath  na  jaane  kb  gujr  jaati  thi
Wo  shaame  jo  aaj  bi  yaad  aate  hi  mere  saare  gamo  ko  bhula  deti  hai,  tb  likhta  hu  mai

Mai  likhta  hu  
Jb  jzbaat  uthte  hai  nafrat  ke
Jb  khyal  aata  hai  mohbbat  ka
 Jb  dard  utrta  hai  aankho  me  
Jb  dil  khta  hai  ki  kuch  alfaaz  likh  kr  in  aasuwo  ko  rok  lete  hai  tb  likhta  hu  mai

Mai  likhta  hu
Jb  dekhta  hu  apne  aas  paas  kuch  bura  hote  hue
Jb  dekhta  hu  kisi  garib  kisi  laachaar  ko  rote  hue
Jb  hota  hai  apne  desh  me  kisi  mhila  ka  rape 
Jb  apne  hi  log  apno  pr  dango  ke  naam  pr  krte  hai  war
Tb  likhta  hu  mai 

Mai likhta hu
Jb  kuch  baate  bolkr  btaane  se  acchaa  unhe  sabdo  me  byaan  krna  ho
Jb  chupchap  rhkr  apni  kahani  ka  shor  mchwana  ho
Jb  kai  baar  khud  ko  khud  se  hi  jitana  ho 
Tb  likhta  hu  mai
Mai  lkhta  hu...

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