वैसे तो हमने बहुत से क्लासेज के बारे में सुना और पढा है... लेकिन ये एक बहुत ही खास तरह की क्लास है जिसके बारे में मैं कुछ बाते आपसे शेयर करना चाहता हू...
बचपन से खुद को सीमाओं में बांध रखा है।
खुद की हैसियत को भी हमेशा याद रखा है।
फिर भी खुशी से जीते है हम,
क्योंकि मिडिल क्लास परिवार से है हम।
हमारे यहा बच्चों के कपड़े लेने जाते है।
तो अक्सर 2....3 साल बड़ा ही उठा लाते है।
कुछ लम्बा चलने की उम्मीद में उसे शुरुवात में हमे कम ही पहनाते है,
हम मिडिल क्लास है उसी कपड़े में छोटे वाले का भी काम चलाते है।
हम स्कूल के दिनों में बरसात में फ़टे जूते पहनकर भी काम चलाते थे।
बरसात के बाद नया लेंगे इस उम्मीद में वो पूरा साल ही पास कर जाते थे।
फिर भी मोची से सिलवा कर चल जाएगा काम,
हम मिडिल क्लास है हमारा तो यही हाल है।
मेले में घूमते हुए खिलौने तो बड़े ही पसंद आते थे।
पर निकलते निकलते कोई एक वो भी छोटा सा ले पाते थे।
झूले भी एक या दो ही झूलते थे हम,
हम मिडिल क्लास है खर्चो में भी बचत ढूंढते है हम।
माँ का हिसाब बड़ा पक्का रहता था।
कौन सी चीज घर मे कब आयी ये सब भी उन्हें याद रहता था।
मेहमानों के जाने पर बचा बिस्कुट भी कई बार वापस रक्खा जाता था,
हम मिडिल क्लास है इसलिए सारा हिसाब याद रक्खा जाता है।
हमारी फ्यूचर प्लानिंग कभी भी सफल होती नही है।
हम सोचते है कुछ, और ये जिंदगी चलती कही और है।
हमारी इनकम तो स्लो लेकिन खर्चे बहुत तेज़ है,
हम मिडिल क्लास है हमारी जिंदगी के पहिये में बड़े छेद है।
हमारे यहाँ पैसो से ज्यादा रिश्ते कमाते है।
हमारे यहाँ पैसो से ज्यादा रिश्ते ही तो काम आते है।
ऐसी ही कुछ सिख मिलती है हमे हमारे घरों से,
हम मिडिल क्लास वाले रहते है सबसे मिल-जुल के।
हर रोज़ बॉस की गालियां सुन जॉब छोड़ने को जी करता है।
हर रोज़ एक त्याग पत्र हमारे टेबल पर रक्खा होता है।
फिर भी पहनकर मजबूरी का पट्टा घिसते है हम खुद को,
क्या करे हम मिडिल क्लास वालो का यही हाल होता है।
ना हम गरीब है! ना हम अमीर है!, हम तो इन दोनों के ही करीब है।
ऊपर क्लास पहुचने का हम ख्वाब देखते है।
लोअर में ना गिर जाए हम इस डर में जीते है।
बटुवा रखते तो है जेब मे पर पैसे कहा है पास,
क्योंकि हम तो मिडिल क्लास है यार।
बात होती है हर जगह सिर्फ गरीब और अमीर की।
हम तो वो है जिनकी लकीरें है इन दोनों के ही करीब की।
सरकार आये या जाए किसी की भी,
हम मिडिल क्लास है हमे फिक्र है तो बस अपने नसीब की।
बटुवे में पैसा होता नही कभी पर घर का खर्च चला लेते है।
माँ-पापा की दवाओं के लिए भी उसी में से बचा लेते है।
पूरी जिंदगी शहर में अपना घर बनाने का देखते है ख्वाब,
हम मिडिल क्लास मजबूर है जो किराए के मकान को भी घर बना लेते है।
गाँव मे अपना घर खेत सब छोड़ शहर में आकर रहते है।
भूख गरीबी धूप छाँव ना जाने कितनी ही ठोकरे सहते है।
हम मिडिल क्लास है जो खुद से खुद की हिम्मत बढ़ाने को कहते है।
पापा साईकल से शुरू कर सफर को बाइक पर खत्म करते है।
हम बाइक को कार में बदल सके बस यही दिन रात सोचते है।
हौसला तो बहुत है पर डर उससे ज्यादा रहता है,
हम मिडिल क्लास है पाने से ज्यादा खोने के डर में जीते है।
सोचता हूं उठु और खड़ा हो बदल दु अपनी तकदीर।
पर फिर खयाल आता है घर मे नही है दाल और नमकीन।
व्यथित हु! व्याकुल हु! हू मैं परेशान!
पर क्या करूँ मैं तो हु मिडिल क्लास इंसान।
कई बार खुद के हक़ की लड़ाई लड़ने का मन होता है।
उन सभी को जवाब दु जिनका मुह सिर्फ हमारे आगे खुलता है।
पर याद आता है घर पर भी पैसा भेजना है।
हम मिडिल क्लास है हमे इन फालतू के झगड़ो से कुछ नही मिलना है।
ये एक ऐसी क्लास है जिसमे इंसान होता तो छोटा है मगर इच्छाओं को हमेशा बड़ा रखता है... ये ऐसी क्लास है जिसमे चाहते तो बहुत होती है मगर अक्सर मन मार के भी जीना होता है।
वैसे तो परेशानियों से घिरे रहते है हम।
फिर भी छोटे छोटे किस्सों को समेट खुश हो लेते है हम।
हम जूझते है कितनी भी कठिनाइयों से लेकिन,
मिडिल क्लास होकर भी सबको साथ लेकर हर परिस्थिति से लड़ लेते है हम।
#mai middile class
Sarvesh Yadav
ReplyDeleteMiddile class❤️
DeleteVery nice..
ReplyDeleteThank u bhaiya...
DeleteBahot khub chote Bhai
ReplyDeleteDhnywad bhaiyaji... Bss aap sbhi ka aashirwad hai
DeleteBahot khub chote Bhai
ReplyDeleteNice lines
ReplyDeleteThankss💕
Deleteसच में भैया middle class se होने का मजा की कुछ और है।
ReplyDeleteहा भाई वो तो है, सुख दुख सब में किसी का साथ ढूंढना नही पड़ता।
DeleteEkdm shi middle class valo ki yhi life hai bhaiya
ReplyDeleteLife to yhi h btt jeene ka mzaa ar kisse hmse hi suru hokr hmpr hi khtm hote h
DeleteEkdm shi middle class valo ki yhi life hai bhaiya
ReplyDeleteSach me bhai hamari life aisi hi hai
ReplyDeleteHaa wo to hai... Bss maayne apne apne hai
Deleteअद्भुत , अप्रतिम लेखनी है आपकी। शब्दो के माध्यम से माध्यम वर्गी समाज की सच्चाई और उनके अनकहे दर्द को जो एक सूत्र में पिरोने का अथक प्रयास आपने किया है, यह विलक्षण प्रतिभा अत्यंत ही सराहनीय है। आज जहां सम्पूर्ण देश की भांति समस्याएं हैं वहाँ मध्यमवर्गीय समाज कहीं न कहीं सभी को सहशीलता का एक पाठ पढ़ाता है। आपके द्वारा उनके आवाज को लोगो के समक्ष रखने की ये अहम भूमिका प्रशंसनीय है।
ReplyDeleteबस आप जैसो की सराहना से ही लेखनी में सुधार कर रहे है.. उम्मीद है कि आगे हमारी लेखनी आपको और पसन्द आएगी।
DeleteAap hme comment k jriye likhne k liye koi topic de skte hai...