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Showing posts from May, 2021

Engineering aur pyaar (6)

  Chapter-6                          हसीन मोड़            जीवन  मे  कितनी  ही  बार  अच्छे  वक्त  की  पहचान  उस  वक़्त  के  बीत  जाने  के  बाद  होती  है  लेकिन  बुरा  वक्त  शुरुवात  से  ही  अपने  होने  की  दस्तक  हमारे  कानो  तक  पहुचा  देता  है।  शायद  इसलिए  हम  अच्छे  और  बुरे  वक्त  को  उसकी  पहचान  के  हिसाब  से  जीते  है  और  हर  बार  अच्छे  वक़्त  की  उम्र  छोटी  होती  है  हमारे  लिए  क्योंकि  उसको  पहचानने  में  ही  हम  आधे  से  ज्यादा  वक़्त  को  गवा  चुके  होते  है।  शायद  इसलिए  ही  हर  बार  हमें  अपने  दुखों  का  पड़ला  भारी  लगता  है  सुख  के  तराजू  से।।      कॉलेज  में  मेरे  दो  साल  खत्म  हो  चुके  थे  और  कॉलेज  के  पहले  दिन  से  लेकर  आजतक  में  काफी  कुछ  बदल  चुका  था।  वो  लड़का  जो  अपनी  बातों  को  किसी  से  बताने  की  जगह  अपनी  डायरी  के  पन्नो  को  भरता  था  वो  अब  उन्ही  बातों  को  किस्सों  कहानियों  में  पिरोकर  सभी  को  बेहिचक  सुनाता  है,  वो  लड़का  जो  लड़कियों  से  बात  करने  में  हिचकिचाता  था  अब  वो  एक  लड़की  को  अपने  दिल  का  हाल  सुनाने  लगा  है।..