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Showing posts from June, 2021

Engineering Aur Pyaar (7)

  Chapter-7                   ख्वाहिशे                  कोशिशें  कितनी  भी  कर  ले  पर  ख्वाहिशें  अक्सर  अधूरी  रह  ही  जाती  है  क्योंकि  ख्वाहिशो  का  काम  है  वक़्त  के  साथ   बदलते  रहना  और  वक़्त  पर  गर  कोई  ख्वाहिश  पूरी  हो  जाये  तो  तुरंत  ही  हम  उसके  आगे  की  किसी  ख्वाहिश  को  साथ  जोड़  लेते  है।  ख्वाहिश  और  जिंदगी  का  एक  अनदेखा  सा  रिश्ता  है  जो  वक़्त  के  साथ  जिंदगी  जीने  का  जरिया  भी  बन  जाता  है। देखते  ही  देखते  वो  वक़्त  एकदम  से  करीब  आकर  खड़ा  था  जिसमे  मुझे  उस  लम्हे  से  होकर  गुजरना  था  जिसकी  चाहत  जिसकी  उम्मीद  तक  मैंने  नही  की  थी,  जब  ये  शुरू  हुआ  तब  सिर्फ  कुछ  ख्वाइशें  ही  थी  जो  इस  रिश्ते  से  जुड़ी  थी  पर  ये  लम्हा  जिसका अभी  से  पहले  कभी  ख्याल  तक  नही  आया  था  ये  शुरुवात  से  साथ  ही  था।  बस  दिल  मे  भरी  मोहब्बक्त  कहो  या  समझ  का  हेर-फेर  इस  लम्हे  को  अभी  से  पहले  ना  मैं  सोच  पाया  था  और  नाही  इसके  लिए  मैं  तैयार  था।  वैसे  तो  उसके  जाने  में  अभी  4...  6  महीने  का  वक़्त  था  पर  ऐसा  महसूस  होने